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सावधान दोबारा पैर पसार रहा है करो ना गृह मंत्रालय ने जारी किए दिशा निर्देश दिसंबर महा तक रहेंगे प्रभावी

नई दिल्ली: अक्टूबर माह में जहां कोरोना वायरस थमता हुआ नजर आ रहा था वहीँ नवम्बर में बढ़ती सर्दी के साथ यह फिर से पनप उठा है|खासकर देश की राजधानी दिल्ली व देश के कई हिस्सों में कोरोना वायरस की विकारलता फिर से काफी देखने को मिल रही है|अब यही कारण है सरकार के हाथ-पाँव फूल उठे हैं और वह इसे रोकने के व इससे बचाव के कदम पे कदम उठा रही है|केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को ताजा दिशानिर्देश जारी किये हैं|केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना महामारी को और ज्यादा फैलने से रोकने के लिए ये ताजा दिशानिर्देश जारी किये हैं जो कि 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के ताजे दिशानिर्देशों का मुख्य फोकस COVID19 से संबंधित निगरानी, ​​नियंत्रण और सावधानी पर है और संक्रमण पर पाए गए काबू को मजबूत करना है।MHA की नई गाइडलाइन के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी।वहीँ निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन लागू करने के पहले राज्यों, केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को केंद्र से अनुमति जरूरी होगी|गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट जोन्स में सभी एहतियातों के पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासनों की होगी।राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इस बारे में अफसरों की जवाबदेही तय करेंगी।

राज्यों को नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले लेने की छूट……

गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक राज्य सरकारें अपने राज्य में लॉक डाउन लगाने के अलावा कोरोना को थामने के लिए जो कर सकती हैं वो करें|नाइट कर्फ्यू लगाने, कार्यक्रमों(चाहे वे धार्मिक हों, सामाजिक हों, खेल से हों, मनोरंजन या शैक्षणिक हों) में कितने लोगों को आने की इजाजत देनी है, सिनेमा हॉल्स, थिअटर्स, स्विमिंग पूल्स खोलने हैं कि नहीं खोलने हैं|राज्य सरकारें ये सब अपने हिसाब से तय कर सकती हैं|

भीड़ को किसी भी कीमत पर नियंत्रण रखना अनिवार्य…..

राज्य सरकारें अपने राज्य में कोरोना से जुड़े बचाव के नियमों का पालन जरूर कराएं|भीड़-भाड़ वाली जगहों, विशेषकर बाजारों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में सोशल डिस्‍टेंसिंग पर निगरानी रखनी बेहद जरूरी है|लोग मास्क लगाएं, हैंड सैनिटाइज करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।यह ध्यान रखा जाये|इसके लिए राज्य सरकार अपने हिसाब से जुर्माना तय कर सकती हैं।

बुजुर्गों, बच्चों, बीमार और गर्भवती महिलाओं को घर में रहने की सलाह……….

ज्यादा जोखिम वाले लोगों जैसे 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों, पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। जब तक बहुत ही ज्यादा जरूरी न हो, उन्हें बाहर निकलने से बचना चाहिए।

एक राज्य से दूसरे राज्य या किसी राज्य के भीतर आवाजाही पर कोई रोक नहीं……..

एक राज्य से दूसरे राज्य या किसी राज्य के ही भीतर लोगों और सामानों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं रहेगी। आवाजाही के लिए अलग से किसी भी तरह के परमिट/ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी।