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कहते हैं ना असली घी भी किसी किसी को रास आता है पटवारी को भी कानूनगो बनना रास नहीं आया

पटवारी इकबाल अहमद (patwari ekbal Ahmad) को पदोन्नत (pramotion) कर कानूनगो रजिस्ट्रार (kanoongo) बनाया गया। लेकिन, पटवारी को पदोन्नति रास नहीं आई। उसने कानूनगो के पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। साथ ही उच्च अधिकारियों के आदेश का भी पालन नहीं किया। ऐसे में जिलाधिकारी सविन बंसल (DM Savin Bansal) ने लालकुआं तहसील के राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) इकबाल अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspend) कर दिया। पटवारी को कालाढूंगी तहसील में संबद्ध किया गया है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि पटवारी की पदोन्नति की गई थी। पटवारी ने पदोन्नति के बाद की गई तैनाती स्थल पर योगदान नहीं किया। उन्होंने उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और कोविड-19 महामारी में दायित्यों का निर्वहन ठीक प्रकार से नहीं किया, जिस कारण उन्हें निलंबित किया गया है।

एडीएम की ओर से जारी हुए निलबंन आदेश

एसडीएम (प्रशासन) केएस टोलिया की ओर से पटवारी के निलंबन आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि इकबाल की रजिस्ट्रार कानूनगो पद पर पदोन्नति की गई है। आदेशित किया गया था कि वह तत्काल रजिस्टार कानूनगो पद पर तहसील नैनीताल में योगदान दें। अपना कार्यभार उप राजस्व निरीक्षक (मोटाहल्दू) सुनीता जोशी को दे देें। लेकिन, पटवारी ने नए तैनाती स्थल पर पदभार ग्रहण नहीं किया।

आदेश लेने से ही कर दिया इनकार

तहसीलदार ने कार्यमुक्ति के आदेश तहसील अनुसेवक के माध्यम से पटवारी इकबाल अहमद को तामील कराने भेजा तो पटवारी ने आदेश लेने से इनकार कर दिया। वहीं, 26 अक्टूबर से एक नवम्बर तक की अवधि का चिकित्सा अवकाश प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल को भेज दिया। इकबाल के हाथीखाल का कार्यभार न देने और नई तैनाती पर योगदान न करने से कई शासकीय कार्य प्रभावित हुये। पटवारी की हरकत की जानकारी होने पर डीएम ने एक्शन लिया।