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मंत्री ने लिया ममता बनर्जी से बदला

नईदिल्ली। विधानसभा चुनावों से महज चंद दिन पहले ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा है. TMC के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने इस्तीफ़ा दे दिया. दिनेश त्रिवेदी ने आज राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान अपने इस्तीफे का ऐलान किया. अटकलें लगाई जा रही है कि दिनेश त्रिवेदी जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं. TMC में त्रिवेदी की अहमियत का अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि जब UPA सरकार को ममता बनर्जी ने समर्थन दिया था तो मनमोहन कैबिनेट में रेल मंत्री का जिम्मा दिनेश त्रिवेदी को सौंपा गया था.
इस्तीफ़ा देते हुए दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि वो पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा से काफी दुखी हैं और घुटन महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा असल में हम जन्मभूमि के लिए ही हैं.लेकिन बंगाल में जो हो रहा है वो मुझसे देखा नहीं जा रहा है. हम करें तो क्या करें, एक पार्टी में हैं तो सीमित हैं, लेकिन अब मुझे घुटन महसूस हो रही है. उधर अत्याचार हो रहा है और हम कुछ कर नहीं पा रहे हैं. आज मेरी आत्मा कह रही है कि इस्तीफा दे दो और बंगाल की जनता के बीच जाकर रहो. इसलिए मैं आज यहां से इस्तीफा दे रहा हूं लेकिन देश के लिए, बंगाल के लिए हमेशा काम करता रहा हूं और काम करता रहूंगा.’
ऐसे वक्त में जब चुनाव करीब है और ममता का किला ढहता दिख रहा, दिनेश त्रिवेदी ने ममता का साथ छोड़ कर उनसे 9 साल पुराने अपने अपमान का बदला ले लिया. बात 2012 की है जब दिनेश त्रिवेदी मनमोहन सरकार में रेल मंत्री हुआ करते थे. बतौर रेल मंत्री उन्‍होंने 14 मार्च, 2012 को संसद में रेल बजट पेश किया और यात्री किराए में 2 पैसे से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ोतरी की घोषणा कर दी.लेकिन ममता को रास नहीं आया. उन्होंने आग बबूला होते हुए तुरंत मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी और कहा कि त्रिवेदी को रेल मंत्रालय से बर्खास्त कर दिया जाए. लेकिन मनमोहन सिंह के लिए ये बड़ी अजीब स्थिति थी क्योंकि बजट पेश करते ही रेल मंत्री का इस्तीफ़ा ले लेना बड़ी फजीहत वाली बात थी. लेकिन ममता नहीं मानी और दिनेश त्रिवेदी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करवा के ही दम लिया. त्रिवेदी की जगह पर मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया गया. आज मुकुल रॉय भाजपा में हैं और अटकलें लगाई जा रही है कि त्रिवेदी भी जल्द ही भाजपा में शामिल हो जायेंगे.